Category: Conservation

  • सिंधु घाटी सभ्यता में जल-जीवन
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    सिंधु घाटी सभ्यता में जल-जीवन

    शहरों में कई घर स्नानघरों से सुसज्जित थे। ये स्नानघर अपशिष्ट जल को निकालने  के लिए नालियों से जुड़े थे। यह नालियाँ बड़ी सार्वजनिक नालियों से जुड़ी हुई थीं, जो अक्सर ढकी…

  • हमारे पैरों के नीचे: मिट्टी की कहानी जिस के बचने पर टिका है भविष्य 
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    हमारे पैरों के नीचे: मिट्टी की कहानी जिस के बचने पर टिका है भविष्य 

    हमारे पास सबसे शक्तिशाली साधन है—जागरूकता। अधिकतर लोग, जैसा कि कभी मैं भी थी, मिट्टी के बारे में ज्यादा नहीं सोचते लेकिन जब यह समझ में आता है कि हम जो भी  खाते, पहनते या उपयोग करते हैं, वह सब मिट्टी से शुरू होता है, तो सोचने का नजरिया ही बदल जाता है। 

  • शानदार ‘गंगा डॉल्फ़िन’ गायब न हो जाए!

    शानदार ‘गंगा डॉल्फ़िन’ गायब न हो जाए!

    भारतीय उपमहाद्वीप की शानदार प्रकृतिक जलीय विरासत में से एक है ‘गंगा डॉल्फ़िन’। ये स्थानीय और दुर्लभ स्तनधारी भारत में हिमालय की तलहटी से लेकर गंगा सागर तक गंगा, ब्रह्मपुत्र व मेघना…

  • मछलियों में टाइगर – माहसीर

    मछलियों में टाइगर – माहसीर

    धरती की शान – इसकी जैव विविधता – को बचाने में दिलचस्पी रखने वालों के लिए एक खुशखबरी है कि ‘ब्लू फिंड माहसिर’ को अंतर्राष्ट्रीय पृक्रति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) की लाल सूची…

  • तीरोल ने प्रकृति आधारित समाधानों को अपनाया

    तीरोल ने प्रकृति आधारित समाधानों को अपनाया

    उदयपुर-सिरोही राजमार्ग पर उदयपुर से कुछ 50 कि.मी. दूर गोगुंडा ब्लॉक में एक रास्ता दाईं ओर जाता है। कई घुमावदार मोड़ों वाला ये रास्ता नान्देशामा की छोटी सी बाज़ार से होते हुए आपको तीरोल…