प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से स्वतन्त्रता दिवस के अपने सम्बोधन में घोषणा की कि हर घर तक पानी पहुँचाने के लिए जल्दी ही ‘जल जीवन मिशन’ शुरू होगा । उन्होने इस मिशन को ३.३५ लाख करोड़ देने की भी घोषणा की। इस दिशा में केंद्र और राज्य सरकारें साथ आकर काम करेंगी । उन्होने कहा कि देश की लगभग आधी आबादी को अब तक पीने का पानी मुहैया नहीं है। लोगों का आधा समय पानी लाने में ही निकाल जाता है । ये देश से गरीबी हटाने की दिशा में एक बड़ा रोड़ा है ।

उन्होने कहा कि उनकी सरकार पानी की कमी की समस्या को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होने लोगों को आह्वान करते हुए जल संरक्षण की मुहिम में आगे आने के लिए कहा । उन्होने कहा कि सभी क्षेत्रों के लोगों को इस मुहिम से जुड़ना होगा । जल संरक्षण को जमीनी स्तर पर एक जन आंदोलन की तरह काम करना होगा । इसके केवल सरकारी योजना बनने से फायदा नहीं होगा ।

‘जल जीवन मिशन’ ‘पेयजल और स्‍वच्‍छता विभाग’ के अंतर्गत लोकल लेवेल पर पानी की मांग और आपूर्ति दोनों पर केन्द्रित होगा | इसमें वर्षा जल संचय, भूजल का स्तर सुधारने के लिए और घर से निकलने वाले अपशिष्ट पानी के कृषि में दुबारा उपयोग के लिए बुबियादी ढांचे को तैयार करने के काम भी शामिल होंगे।

गौरतलब है कि मोदी सरकार ने कुछ समय पहले ही पानी से संबन्धित दो मंत्रालयों को मिला कर एक जल शक्ति मंत्रालय बनाया है । इस महीने के शुरुवात में ही केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने बताया था कि सरकार ने जल शक्ति अभियान के तहत काम के लिए २५६ जिलों के १५९२ ब्लॉक चिन्हित किए हैं जहां पानी का भारी दोहन हुआ है और स्थिति नाजुक है।

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