नीति आयोग ने २१ दिसम्बर २०१८ को सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) भारत सूची २०१८ जारी की। यह सूची २०३० एसडीजी लक्ष्यों को पाने की दिशा में भारत के राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की प्रगति को दिखाती है। इसी के साथ ही नीति आयोग ने पहली एस.डी.जी. इंडिया इंडेक्स बेसलाइन रिपोर्ट भी जारी की।

एसडीजी भारत सूची को सांख्यिकी व कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने ग्लोबल ग्रीन ग्रोथ इंस्टीट्यूट और संयुक्त राष्ट्र (भारत) के सहयोग से तैयार किया है।

सतत विकास लक्ष्य (एस॰डी।जी), संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा निर्धारित 17 लक्ष्यों की सूची है । हर लक्ष्य को छोटे छोटे अनेक लक्ष्यों (टारगेट्स) में बांटा गया है । इस तरह 169 छोटे लक्ष्य हैं जिनसे संबन्धित प्रगति को मापने के लिए भारत ने 306 संकेतक निर्धारित किए हैं । हालांकि अभी तक इन संकेतकों को कैबिनेट से मंजूरी मिलने का इंतज़ार है ।

इन  महत्वकांक्षी वैश्विक विकास के लक्ष्यों का सीधा संबंध सार्वभौमिक जन कल्याण से है। भारत सहित दुनिया के १९२ देशों ने सतत विकास लक्ष्यों को २०१५ में अपनाया था । ये लक्ष्य विभिन्न सामाजिक-आर्थिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक पृष्ठभूमि वाले लोगों से संबंधित है। इनमें विकास के आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय आयामों को शामिल किया गया है।

एसडीजी के क्षेत्र में भारत की प्रगति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत में विश्व की 17 प्रतिशत आबादी निवास करती है। इतनी बड़ी आबादी यदि सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ती है तो वो पूरी दुनिया के इस दिशा में विकास के लिए सहायक होगा । यदि हम इस दिशा में पीछे रह जाते हैं तो निश्चित तौर पर ये दुनिया को सतत विकास की ओर ले जाने में बड़ा रोड़ा होगा।

भारत में नीति आयोग को देश में एस.डी.जी. लक्ष्यों के प्रति दोहरी जिम्मेदारी दी गयी है । एक तरफ जहां नीति आयोग देश में एसडीजी के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए ज़िम्मेवार है तो दूसरी तरफ राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों के बीच प्रतिस्पर्धात्मक और सहयोगी संघवाद को प्रोत्साहित करने की जिम्मेदारी भी नीति आयोग की है।

सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) भारत सूची (इंडेक्स)

सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) भारत सूची (इंडेक्स) 2018 में सतत विकास के 17 लक्ष्यों मे से केवल 13 के आंकड़ों को शामिल किया गया है। एसडीजी 12 (जिम्मेदारी के साथ उपभोग और उत्पादन), 13 (जलवायु परिवर्तन) और 14 (स्थायी सतत विकास के लिए महासागरों, समुद्र और समुद्री संसाधनों का संरक्षण और उपयोग) संबंधी प्रगति को इसमें शामिल नहीं किया गया है क्योंकि इनसे संबंधित आंकड़े राज्य/केन्द्रशासित प्रदेश के पास उपलब्ध नहीं हैं । एसडीजी 17 पर भी विचार नहीं किया गया है क्योंकि यह अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पर आधारित है।

इन संकेतकों का चयन नीति आयोग ने किया है। सूची (इंडेक्स) को तैयार करने के लिए कुल 13 एसडीजी लक्ष्यों का आकलन 62 प्राथमिक संकेतकों के आधार पर किया गया है। इसमें प्रत्येक राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश के प्रदर्शन को 0-100 के पैमाने पर मापा गया । यह राज्यों के औसत प्रदर्शन को दिखलाता है। सतत विकास के लक्ष्यों को पाने की दिशा में सबसे पिछड़े राज्यों को आकांक्षी (0 – 49) राज्यों की श्रेणी में रखा गया है।  उससे बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों को परफोरमेर (५०-६४), अग्रणी  (६५-९९) और लक्ष्य प्राप्तकर्ता (100) की श्रेणियों में रखा गया है।

सतत विकास लक्ष्य के भारतीय सूचकांक के हिसाब से भारत ने इसमें ५८ अंक पाये । इसका मतलब हुआ कि देश सतत विकास लक्ष्यों को पाने की दिशा में आधे से ज्यादा रास्ता पार कर चुका है ।

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हिमाचल प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, चंडीगढ़ और पुदुच्चेरी सतत विकास लक्ष्यों को पाने की दिशा में अग्रणी राज्य पाये गए । स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता उपलब्ध कराने में, असमानता कम करने में और पर्वतीय पारिस्थितिकी को संरक्षित करने में हिमाचल प्रदेश का प्रदर्शन बाकी राज्यों से अच्छा पाया गया । अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करने में, भूखमरी कम करने में, लैंगिक समानता हासिल करने में तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में केरल ने सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। स्वच्छ पेयजल व स्वच्छता उपलब्ध कराने में, किफायती व स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करने में, आर्थिक विकास करने में और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में चंडीगढ़ ने अग्रणी स्थान प्राप्त किया है।

असम, बिहार और उत्तर प्रदेश राज्यों की रैंकिंग में सबसे पिछड़े नजर आए । जहां केरल ने एस.डी.जी. लक्ष्य 3 – जो कि अच्छे स्वस्थ्य और जीवनस्तर से संबन्धित है, में ९२ अंक हासिल किए वही उत्तर प्रदेश २५ अंक ही हासिल कर सका। इससे देश के अंदर अलग अलग क्षेत्रों के  विकास में आई असमानता झलकती है। इसी तरह जहां केरल ने शिक्षा के क्षेत्र में ८७ अंक पाये पर बिहार ३६ अंक ही हासिल कर पाया ।

एसडीजी भारत सूची इंटरएक्टिव डैशबोर्ड पर उपलब्ध है। इसे समय के साथ साथ लगातार अपडेट किया जाएगा । ।

 

 

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